𝗗𝗲𝗺𝗼: समाचार

सिविल सेवा समाचार 01 जुलाई 2025

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समाचार पोस्टर
  • पाठ्यक्रम: संविधान एवं राजव्यवस्था
  • महत्त्व का स्तर: 3

समाचार की विषयवस्तु

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अनुपूरक अध्ययन के विषय

चुनाव आयोग, विधानसभा, विधायकों के विशेषाधिकार, उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ।

चुनाव आयोग

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

विधानसभा

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विधायकों के विशेषाधिकार

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।


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समाचार पोस्टर
  • पाठ्यक्रम: अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध
  • महत्त्व का स्तर: 4

समाचार की विषयवस्तु

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अनुपूरक अध्ययन के विषय

चुनाव आयोग, विधानसभा, विधायकों के विशेषाधिकार, उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ।

चुनाव आयोग

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

विधानसभा

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विधायकों के विशेषाधिकार

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।


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समाचार पोस्टर
  • पाठ्यक्रम: इतिहास, कला एवं संस्कृति
  • महत्त्व का स्तर: 2

समाचार की विषयवस्तु

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अनुपूरक अध्ययन के विषय

चुनाव आयोग, विधानसभा, विधायकों के विशेषाधिकार, उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ।

चुनाव आयोग

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

विधानसभा

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विधायकों के विशेषाधिकार

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।


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समाचार पोस्टर
  • पाठ्यक्रम: भारतीय समाज एवं सामाजिक न्याय
  • महत्त्व का स्तर: 1

समाचार की विषयवस्तु

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अनुपूरक अध्ययन के विषय

चुनाव आयोग, विधानसभा, विधायकों के विशेषाधिकार, उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ।

चुनाव आयोग

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

विधानसभा

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विधायकों के विशेषाधिकार

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।


यहाँ पर समाचार का शीर्षक लिखा जाएगा जो एक से अधिक लाइन का होगा।

समाचार पोस्टर
  • पाठ्यक्रम: अर्थव्यवस्था एवं विकास
  • महत्त्व का स्तर: 5

समाचार की विषयवस्तु

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अनुपूरक अध्ययन के विषय

चुनाव आयोग, विधानसभा, विधायकों के विशेषाधिकार, उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ।

चुनाव आयोग

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

विधानसभा

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विधायकों के विशेषाधिकार

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उच्च न्यायालयों की शक्तियाँ

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।


छिटपुट उपयोगी समाचार:—

  1. यहाँ पर एक विस्तृत शीर्षक में कम उपयोगी छिटपुट समाचार लिखा जाए।
  2. यहाँ पर एक विस्तृत शीर्षक में कम उपयोगी छिटपुट समाचार लिखा जाए।
  3. यहाँ पर एक विस्तृत शीर्षक में कम उपयोगी छिटपुट समाचार लिखा जाए।
  4. यहाँ पर एक विस्तृत शीर्षक में कम उपयोगी छिटपुट समाचार लिखा जाए।
  5. यहाँ पर एक विस्तृत शीर्षक में कम उपयोगी छिटपुट समाचार लिखा जाए।
  6. यहाँ पर एक विस्तृत शीर्षक में कम उपयोगी छिटपुट समाचार लिखा जाए।
  7. यहाँ पर एक विस्तृत शीर्षक में कम उपयोगी छिटपुट समाचार लिखा जाए।

𝗗𝗲𝗺𝗼: सम्पादकीय

सिविल सेवा सम्पादकीय 01 जुलाई 2025


यहाँ पर सम्पादकीय का शीर्षक लिखा जाएगा जो एक से अधिक लाइन का होगा।

  • पाठ्यक्रम: संविधान एवं राजव्यवस्था
  • महत्त्व का स्तर: 4

लेख का सन्दर्भ

स्रोत: द हिन्दू
लेखक: एम. के. नारायणन
दिनांक: 01 जुलाई 2025

चिन्तन के विषय

  1. जिज्ञासा अथवा चिन्तन को जन्म देने वाला कोई प्रश्न लिखें जिसका सम्बन्ध इस लेख से हो।
  2. क्या ऐसा होना/न होना उचित है?
  3. क्या इसका कोई दूसरा आयाम भी है?

लेख का सार

इस सम्पादकीय से सम्बन्धित उपरोक्त विषयों और शब्दावली को भी आप लोगों को विस्तार से पढ़ना चाहिए। यहाँ पर इनकी संक्षिप्त चर्चा की जा रही है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

लेख में महत्वपूर्ण बातें:—

  1. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  2. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  3. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।

यहाँ पर सम्पादकीय का शीर्षक लिखा जाएगा जो एक से अधिक लाइन का होगा।

  • पाठ्यक्रम: अर्थव्यवस्था एवं विकास
  • महत्त्व का स्तर: 3

लेख का सन्दर्भ

स्रोत: हिन्दुस्तान टाइम्स
लेखक: एम. के. नारायणन
दिनांक: 01 जुलाई 2025

चिन्तन के विषय

  1. जिज्ञासा अथवा चिन्तन को जन्म देने वाला कोई प्रश्न लिखें जिसका सम्बन्ध इस लेख से हो।
  2. क्या ऐसा होना/न होना उचित है?
  3. क्या इसका कोई दूसरा आयाम भी है?

लेख का सार

इस सम्पादकीय से सम्बन्धित उपरोक्त विषयों और शब्दावली को भी आप लोगों को विस्तार से पढ़ना चाहिए। यहाँ पर इनकी संक्षिप्त चर्चा की जा रही है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

लेख में महत्वपूर्ण बातें:—

  1. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  2. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  3. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।

यहाँ पर सम्पादकीय का शीर्षक लिखा जाएगा जो एक से अधिक लाइन का होगा।

  • पाठ्यक्रम: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
  • महत्त्व का स्तर: 2

लेख का सन्दर्भ

स्रोत: द हिन्दू
लेखक: एम. के. नारायणन
दिनांक: 01 जुलाई 2025

चिन्तन के विषय

  1. जिज्ञासा अथवा चिन्तन को जन्म देने वाला कोई प्रश्न लिखें जिसका सम्बन्ध इस लेख से हो।
  2. क्या ऐसा होना/न होना उचित है?
  3. क्या इसका कोई दूसरा आयाम भी है?

लेख का सार

इस सम्पादकीय से सम्बन्धित उपरोक्त विषयों और शब्दावली को भी आप लोगों को विस्तार से पढ़ना चाहिए। यहाँ पर इनकी संक्षिप्त चर्चा की जा रही है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

लेख में महत्वपूर्ण बातें:—

  1. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  2. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  3. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।

यहाँ पर सम्पादकीय का शीर्षक लिखा जाएगा जो एक से अधिक लाइन का होगा।

  • पाठ्यक्रम: भारतीय समाज एवं सामाजिक न्याय
  • महत्त्व का स्तर: 5

लेख का सन्दर्भ

स्रोत: द हिन्दू
लेखक: एम. के. नारायणन
दिनांक: 01 जुलाई 2025

चिन्तन के विषय

  1. जिज्ञासा अथवा चिन्तन को जन्म देने वाला कोई प्रश्न लिखें जिसका सम्बन्ध इस लेख से हो।
  2. क्या ऐसा होना/न होना उचित है?
  3. क्या इसका कोई दूसरा आयाम भी है?

लेख का सार

इस सम्पादकीय से सम्बन्धित उपरोक्त विषयों और शब्दावली को भी आप लोगों को विस्तार से पढ़ना चाहिए। यहाँ पर इनकी संक्षिप्त चर्चा की जा रही है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

लेख में महत्वपूर्ण बातें:—

  1. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  2. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  3. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।

यहाँ पर सम्पादकीय का शीर्षक लिखा जाएगा जो एक से अधिक लाइन का होगा।

  • पाठ्यक्रम: सुरक्षा एवं आपदा प्रबन्धन
  • महत्त्व का स्तर: 1

लेख का सन्दर्भ

स्रोत: द हिन्दू
लेखक: एम. के. नारायणन
दिनांक: 01 जुलाई 2025

चिन्तन के विषय

  1. जिज्ञासा अथवा चिन्तन को जन्म देने वाला कोई प्रश्न लिखें जिसका सम्बन्ध इस लेख से हो।
  2. क्या ऐसा होना/न होना उचित है?
  3. क्या इसका कोई दूसरा आयाम भी है?

लेख का सार

इस सम्पादकीय से सम्बन्धित उपरोक्त विषयों और शब्दावली को भी आप लोगों को विस्तार से पढ़ना चाहिए। यहाँ पर इनकी संक्षिप्त चर्चा की जा रही है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

लेख में महत्वपूर्ण बातें:—

  1. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  2. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।
  3. यहाँ पर लेख में निहित कोई महत्वपूर्ण सूचना, तथ्य अथवा आँकड़ों इत्यादि को लिखा जाए।

𝗗𝗲𝗺𝗼: मेन्स प्रबोध

मेन्स प्रबोध 01 जुलाई 2025


यहाँ पर प्रबोध का शीर्षक लिखा जाएगा जो एक से अधिक लाइन का होगा।

पाठ्यक्रम सम्बन्ध

सामान्य अध्ययन-II:

  • मूल पाठ्यक्रम के शब्द।
  • मूल पाठ्यक्रम के शब्द।

भूमिका

मेन्स प्रबोध में दैनिक सम्पादकीय से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण टॉपिक्स का चयन किया जाये। फिर उनका सरल और क्रिस्टल क्लियर भाषा में 360° का विश्लेषण किया जाये। तथ्यों, तर्कों, प्रमाणों और उदाहरणों से प्रबोध को समृद्ध किया जाये।

अनुच्छेद-356:

यहाँ पर कोई पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो BlockQuote के रूप में होगी। यह एक विशेष कथन होगा। जैसे— संविधान का कोई अनुच्छेद अपने मूल रूप में।

विभिन्‍न पक्ष एवं तर्क-वितर्क

चुनौतियाँ

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

समाधान

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

निष्कर्ष

सन्तुलित और सकारात्मक निष्कर्ष लिखें। उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।


यहाँ पर प्रबोध का शीर्षक लिखा जाएगा जो एक से अधिक लाइन का होगा।

पाठ्यक्रम सम्बन्ध

सामान्य अध्ययन-II:

  • मूल पाठ्यक्रम के शब्द।
  • मूल पाठ्यक्रम के शब्द।

भूमिका

मेन्स प्रबोध में दैनिक सम्पादकीय से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण टॉपिक्स का चयन किया जाये। फिर उनका सरल और क्रिस्टल क्लियर भाषा में 360° का विश्लेषण किया जाये। तथ्यों, तर्कों, प्रमाणों और उदाहरणों से प्रबोध को समृद्ध किया जाये।

अतिरिक्त पाठ्य सामग्री का शीर्षक

यहाँ पर विषय से सम्बन्धित कुछ पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो हिन्दी तथा (English) दोनों में होगी। यहाँ पर विषय से सम्बन्धित कुछ पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो हिन्दी तथा (English) दोनों में होगी।

विभिन्‍न पक्ष एवं तर्क-वितर्क

चुनौतियाँ

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

समाधान

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

निष्कर्ष

सन्तुलित और सकारात्मक निष्कर्ष लिखें। उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।


यहाँ पर प्रबोध का शीर्षक लिखा जाएगा जो एक से अधिक लाइन का होगा।

पाठ्यक्रम सम्बन्ध

सामान्य अध्ययन-II:

  • मूल पाठ्यक्रम के शब्द।
  • मूल पाठ्यक्रम के शब्द।

भूमिका

मेन्स प्रबोध में दैनिक सम्पादकीय से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण टॉपिक्स का चयन किया जाये। फिर उनका सरल और क्रिस्टल क्लियर भाषा में 360° का विश्लेषण किया जाये। तथ्यों, तर्कों, प्रमाणों और उदाहरणों से प्रबोध को समृद्ध किया जाये।

अनुच्छेद-356:

यहाँ पर कोई पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो BlockQuote के रूप में होगी। यह एक विशेष कथन होगा। जैसे— संविधान का कोई अनुच्छेद अपने मूल रूप में।

विभिन्‍न पक्ष एवं तर्क-वितर्क

चुनौतियाँ

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

समाधान

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

निष्कर्ष

सन्तुलित और सकारात्मक निष्कर्ष लिखें। उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

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𝗗𝗲𝗺𝗼: प्रिलिम्स-प्रबोध

अंक–01 1 जनवरी 2026

Chapter Thumbnail
चित्र: ए आई निर्मित

प्रस्तावना। यहाँ पर विषय से सम्बन्धित कुछ पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो हिन्दी तथा (English) दोनों में होगी। यहाँ पर विषय से सम्बन्धित कुछ पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो हिन्दी तथा English दोनों में होगी। यहाँ पर विषय से सम्बन्धित कुछ पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो हिन्दी तथा (English) दोनों में होगी। 1234567890. अपने क्षेत्र का विकास करने के लिए।



यहाँ पर प्रबोध का शीर्षक लिखा जाएगा।

समाचार पोस्टर
चित्र: ए आई निर्मित

चर्चा में क्यों?

यहाँ पर संक्षेप में वह समाचार लिखा जाये जिसके कारण यह टॉपिक चर्चा में आया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अनुच्छेद-356:

यहाँ पर कोई पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो BlockQuote के रूप में होगी। यह एक विशेष कथन होगा। जैसे— संविधान का कोई अनुच्छेद अपने मूल रूप में।

संवैधानिक प्रावधान

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विशेषताएँ

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

यहाँ पर प्रबोध का शीर्षक लिखा जाएगा।

समाचार पोस्टर
चित्र: ए आई निर्मित

चर्चा में क्यों?

यहाँ पर संक्षेप में वह समाचार लिखा जाये जिसके कारण यह टॉपिक चर्चा में आया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अतिरिक्त पाठ्य सामग्री का शीर्षक

यहाँ पर विषय से सम्बन्धित कुछ पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो हिन्दी तथा (English) दोनों में होगी। यहाँ पर विषय से सम्बन्धित कुछ पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो हिन्दी तथा (English) दोनों में होगी।

संवैधानिक प्रावधान

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विशेषताएँ

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

यहाँ पर प्रबोध का शीर्षक लिखा जाएगा।

समाचार पोस्टर
चित्र: ए आई निर्मित

चर्चा में क्यों?

यहाँ पर संक्षेप में वह समाचार लिखा जाये जिसके कारण यह टॉपिक चर्चा में आया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अनुच्छेद-356:

यहाँ पर कोई पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो BlockQuote के रूप में होगी। यह एक विशेष कथन होगा। जैसे— संविधान का कोई अनुच्छेद अपने मूल रूप में।

संवैधानिक प्रावधान

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विशेषताएँ

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

यहाँ पर प्रबोध का शीर्षक लिखा जाएगा।

समाचार पोस्टर
चित्र: ए आई निर्मित

चर्चा में क्यों?

यहाँ पर संक्षेप में वह समाचार लिखा जाये जिसके कारण यह टॉपिक चर्चा में आया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अतिरिक्त पाठ्य सामग्री का शीर्षक

यहाँ पर विषय से सम्बन्धित कुछ पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो हिन्दी तथा (English) दोनों में होगी। यहाँ पर विषय से सम्बन्धित कुछ पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो हिन्दी तथा (English) दोनों में होगी।

संवैधानिक प्रावधान

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विशेषताएँ

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

यहाँ पर प्रबोध का शीर्षक लिखा जाएगा।

समाचार पोस्टर
चित्र: ए आई निर्मित

चर्चा में क्यों?

यहाँ पर संक्षेप में वह समाचार लिखा जाये जिसके कारण यह टॉपिक चर्चा में आया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

अनुच्छेद-356:

यहाँ पर कोई पाठ्यवस्तु लिखी जाएगी जो BlockQuote के रूप में होगी। यह एक विशेष कथन होगा। जैसे— संविधान का कोई अनुच्छेद अपने मूल रूप में।

संवैधानिक प्रावधान

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है। मनुष्य वनस्पति का कुछ भाग सेवन करते हैं और कुछ भाग बिल्कुल ही अनोपयोगी छोड़ देते हैं।

शीर्षक

उदाहरण के लिए मानवजाति धरती पर निर्माण करती है और वनस्पति पर भी असर डालती है।

विशेषताएँ

  1. बीसवीं सदी के आरम्भ में मनुष्य और उसके पर्यावरण के बीच संबंधों पर अध्ययन प्रारंभ हुआ।
  2. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।
  3. प्राकृतिक वातावरण बेहद जटिल है इसलिए शोधकर्ता अधिकांशत: किसी एक किस्म के प्राणियों की नस्ल या पौधों पर शोध करते हैं।
  4. एक साथ कई विषयों में इस ओर ध्यान दिया गया। परिणामस्वरूप मानव पारिस्थितिकी की संकलपना आयी।



𝗗𝗲𝗺𝗼: दैनिक अभ्यास

डेली डोज़ डोज़ की दिनांक...

अध्याय की प्रस्तावना लगभग 50 शब्दों में।


ऑडियो लेक्चर, ऑनलाइन मेंटरशिप कार्यक्रम
00:00 00:00

मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास

निर्देश:—

घर पर, आप जब अपनी अभ्यास पुस्तिका में निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लिख लें, तब इस Quiz के नीचे लगे बटन पर क्लिक करें। आपकी मासिक रिपोर्ट में यह अभ्यास जोड़ दिया जायेगा।

मुख्य परीक्षा (सामान्य अध्ययन, प्रश्न-पत्र-I, II व III पर आधारित)

  1. यहाँ पर मुख्य परीक्षा का प्रश्न लिखें। [150 शब्द]
  2. यहाँ पर मुख्य परीक्षा का प्रश्न लिखें। [150 शब्द]
  3. यहाँ पर मुख्य परीक्षा का प्रश्न लिखें। [150 शब्द]

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु अभ्यास

निर्देश:—

इस प्रश्नावली में कुल 10 प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 2 अंकों का है। गलत उत्तर पर एक तिहाई (⅓) ऋणात्मक मूल्यांकन किया जाएगा। न्यूनतम 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।

प्रारम्भिक परीक्षा (सामान्य अध्ययन, प्रश्न-पत्र-I पर आधारित)

1.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
  1. यहाँ पर कथन 1 लिखें।
  2. यहाँ पर कथन 2 लिखें।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

केवल I

केवल II

I और II दोनों

न तो I और न ही II

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item

2.
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए—
क्र. खण्ड-I खण्ड-II
I. शब्दावली व्याख्या
II. शब्दावली व्याख्या
III. शब्दावली व्याख्या

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं:

केवल एक

केवल दो

सभी तीन

इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item

3.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
कथन-I
यहाँ पर कोई कथन लिखें।
कथन-II
यहाँ पर कथन की व्याख्या लिखें।

उपर्युक्त कथनों के सन्दर्भ में, कौन-सा एक सही है?

केवल एक

केवल दो

सभी तीन

इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item

4.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
  1. कथन 1
  2. कथन 2
  3. कथन 3

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं:

केवल एक

यदि किसी विकल्प में बहुत बड़ी लाइन हो तो वह कुछ इस प्रकार दिखेगी।

सभी तीन

इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item

5.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
  1. कथन 1
  2. कथन 2
  3. कथन 3

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं:

केवल एक

यदि किसी विकल्प में बहुत बड़ी लाइन हो तो वह कुछ इस प्रकार दिखेगी।

सभी तीन

इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item

6.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
  1. कथन 1
  2. कथन 2
  3. कथन 3

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं:

केवल एक

यदि किसी विकल्प में बहुत बड़ी लाइन हो तो वह कुछ इस प्रकार दिखेगी।

सभी तीन

इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item

7.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
  1. कथन 1
  2. कथन 2
  3. कथन 3

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं:

केवल एक

यदि किसी विकल्प में बहुत बड़ी लाइन हो तो वह कुछ इस प्रकार दिखेगी।

सभी तीन

इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item

8.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
  1. कथन 1
  2. कथन 2
  3. कथन 3

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं:

केवल एक

यदि किसी विकल्प में बहुत बड़ी लाइन हो तो वह कुछ इस प्रकार दिखेगी।

सभी तीन

इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item

9.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
  1. कथन 1
  2. कथन 2
  3. कथन 3

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं:

केवल एक

यदि किसी विकल्प में बहुत बड़ी लाइन हो तो वह कुछ इस प्रकार दिखेगी।

सभी तीन

इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item

10.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
  1. कथन 1
  2. कथन 2
  3. कथन 3

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं:

केवल एक

यदि किसी विकल्प में बहुत बड़ी लाइन हो तो वह कुछ इस प्रकार दिखेगी।

सभी तीन

इनमें से कोई नहीं

सही उत्तर (?) है।

व्याख्या:—

  • item
  • item
  • item
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% Percentage 00

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