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DAILY DOSE कार्यक्रम, IAS From Home का ऑनलाइन मेण्टरशिप कार्यक्रम है। घर से UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को समर्पित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिदिन के अध्ययन में अभ्यर्थियों की सहायता करना एवं उन्हें परीक्षा सम्बन्धी नियमित मार्गदर्शन प्रदान करना है ताकि उनकी तैयारी निरन्तर एवं सही दिशा में चलती रहे। इस कार्यक्रम में एक ऑडियो लेक्चर तथा मुख्य परीक्षा एवं प्रारम्भिक परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न शामिल होते हैं।
आज की विषयवस्तु
- उपमहाद्वीप क्या होता है?
- उपमहाद्वीप की अवधारणा
- महाद्वीप और उपमहाद्वीप में अन्तर
- भारतीय उपमहाद्वीप को उपमहाद्वीप कहे जाने के आधार
- भारतीय उपमहाद्वीप की विशेषताएँ
- भारतीय उपमहाद्वीप का भूगर्भिक विकासक्रम
- गोंडवाना लैण्ड और भारतीय प्लेट
- हिमालय का निर्माण
- भूगर्भिक स्थिरता एवं अस्थिरता
- भौगोलिक विस्तार
- अक्षांशीय–देशांतरीय विस्तार
- क्षेत्रफल एवं भौगोलिक फैलाव
- उपमहाद्वीप की प्राकृतिक सीमाएँ
- भारतीय उपमहाद्वीप में सम्मिलित देश
- भौगोलिक एकता के कारक
- हिमालय की एकीकृत भूमिका
- एकीकृत मानसून प्रणाली
- नदियों तन्त्रों का जाल
- रणनीति एवं सामरिक स्थिति
- हिन्द महासागर में केन्द्रीय अवस्थिति
- साझा संसाधनों की भूमिका
- साझा चुनौतियों की भूमिका
- हिमालय का सामरिक महत्त्व
आज का गृहकार्य (होमवर्क)
निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न के उत्तर लेखन का अभ्यास अवश्य करें। सम्भव हो, तो तीनों के उत्तर लिखें।
- भारत को एक उपमहाद्वीप क्यों माना जाता है? विस्तारपूर्वक उत्तर दीजिए। [150 शब्द]
- गोंडवानालैंड से पृथक्करण और यूरेशियन प्लेट से टकराव ने भारतीय उपमहाद्वीप की वर्तमान भू-आकृतिक संरचना को कैसे निर्धारित किया है? चर्चा कीजिए। [150 शब्द]
-
हिमालय केवल भारत की उत्तर-पूर्वी सीमा का प्रहरी मात्र नहीं है, बल्कि यह पूरे उपमहाद्वीप की जलवायु और नदी प्रणालियों का आधार स्तंभ है।
मूल्यांकन कीजिए। [250 शब्द]
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास
निर्देश:—
नीचे दिये गये अभ्यास प्रश्न पिछले वर्षों में सिविल सेवा परीक्षा में पूछे जा चुके हैं। यदि आपने इनमें से किसी एक प्रश्न का भी उत्तर लेखन अभ्यास किया है, तो इस Quiz के नीचे लगे बटन पर क्लिक करें। आपकी मासिक रिपोर्ट में यह अभ्यास जोड़ दिया जायेगा।
मुख्य परीक्षा (भारत के भूगोल से पिछले वर्षों के प्रश्न: 2023-2025)
- भारत में प्राकृतिक वनस्पति की विविधता के लिए उत्तरदायी कारकों को पहचानिए और उनकी विवेचना कीजिए। भारत के वर्षा-वन क्षेत्रों में वन्यजीव अभयारण्यों के महत्त्व का आकलन कीजिए। [150 शब्द]
- गैर-कृषि प्राथमिक गतिविधियाँ क्या हैं? ये गतिविधियाँ भारत में भौगोलिक विशेषताओं से किस प्रकार संबंधित है? उपयुक्त उदाहरणों के साथ चर्चा कीजिए। [150 शब्द]
- गंगा घाटी की भूजल क्षमता में गंभीर गिरावट आ रही है। यह भारत की खाद्य सुरक्षा को कैसे प्रभावित कर सकती है? [250 शब्द]
प्रारम्भिक परीक्षा हेतु अभ्यास
निर्देश:—
इस प्रश्नावली में कुल 10 प्रश्न हैं, जो पिछले वर्षों में सिविल सेवा परीक्षा में पूछे जा चुके हैं। प्रत्येक प्रश्न 2 अंकों का है। गलत उत्तर पर एक तिहाई (⅓) ऋणात्मक मूल्यांकन किया जाएगा। न्यूनतम 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
प्रारम्भिक परीक्षा (भारत के भूगोल से पिछले वर्षों के प्रश्न: 2023-2025)
- कटहल (आर्टोकार्पस हेटेरोफाइलस)
- महुआ (मधुका इंडिका)
- सागौन (टेक्टोना ग्रैन्डिस)
उपर्युक्त में से कितने पर्णपाती वृक्ष हैं?
केवल एक
केवल दो
सभी तीन
कोई भी नहीं
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
- दिए गए वृक्षों में महुआ और सागौन 'पर्णपाती' (Deciduous) वृक्ष हैं, जो शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।
- सागौन उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों का मुख्य वृक्ष है। इसकी लकड़ी अत्यधिक टिकाऊ होती है।
- कटहल एक 'सदाबहार' (Evergreen) वृक्ष है, जो मुख्य रूप से भारत के पश्चिमी घाट और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
- अमरकंटक पहाड़ियाँ विन्ध्य और सह्याद्रि श्रेणियों के संगम पर हैं।
- बिलीगिरिरंगन पहाड़ियाँ सतपुड़ा श्रेणी के सबसे पूर्वी भाग हैं।
- शेषाचलम पहाड़ियाँ पश्चिमी घाट के सबसे दक्षिणी भाग हैं।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
केवल एक
केवल दो
सभी तीन
कोई भी नहीं
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
दिये गये कथनों में से कोई भी सही नहीं है।
- अमरकंटक पहाड़ियाँ विन्ध्य और सतपुड़ा का मिलन बिंदु हैं, न कि विन्ध्य और सह्याद्रि का।
- बिलीगिरिरंगन पहाड़ियाँ कर्नाटक में स्थित हैं और सतपुड़ा पर्वत शृंखला कर्नाटक से होकर नहीं गुजरती है।
- शेषाचलम पहाड़ियाँ आंध्र प्रदेश में स्थित पूर्वी घाट का हिस्सा हैं, न कि पश्चिमी घाट का।
- कथन-I
- भारत, अपने पास यूरेनियम निक्षेप (डिपॉजिट) होने के बावजूद, अपने अधिकांश विद्युत् उत्पादन के लिये कोयले पर निर्भर करता है।
- कथन-II
- विद्युत् उत्पादन के लिये कम से कम 60% तक समृद्ध (एन्निन्च्ड) यूरेनियम का होना आवश्यक है।
उपर्युक्त कथनों के सन्दर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है।
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किन्तु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता।
कथन-I सही है, किन्तु कथन-II गलत है।
कथन-I गलत है, किन्तु कथन-II सही है।
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
- भारत में यूरेनियम के निक्षेप सीमित और कम गुणवत्ता के हैं। अतः विद्युत उत्पादन के लिए यह मुख्य रूप से कोयले पर निर्भर है।
- बिजली उत्पादन के लिए केवल 3-5% समृद्ध यूरेनियम की आवश्यकता होती है। अतः कथन-II सही नहीं है।
| क्र. | पत्तन (पोर्ट) | जिस रूप में सुविख्यात है |
|---|---|---|
| 1. | कामराजर पोर्ट | भारत में एक कम्पनी के रूप में पंजीकृत सबसे पहला प्रमुख पत्तन |
| 2. | मुंद्रा पोर्ट | भारत में निजी स्वामित्व वाला सबसे बड़ा पत्तन |
| 3. | विशाखापत्तनम पोर्ट | भारत में सबसे बड़ा आधान पत्तन (कंटेनर पोर्ट) |
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
केवल एक युग्म
केवल दो युग्म
सभी तीन युग्म
कोई भी युग्म नहीं
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
- कामराजर पोर्ट पूर्व में एन्नोर) भारत का पहला प्रमुख पत्तन है जो एक कंपनी के रूप में पंजीकृत है। यह चेन्नई के पास तमिलनाडु राज्य में अवस्थित है।
- मुंद्रा पोर्ट, गुजरात के कच्छ जिले में स्थित भारत का सबसे बड़ा निजी और वाणिज्यिक (कमर्शियल) बंदरगाह है।
- भारत का सबसे बड़ा आधान पत्तन (कंटेनर पोर्ट) जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT), मुंबई है, न कि विशाखापत्तनम। विशाखापत्तनम पोर्ट अपनी गहराई और प्राकृतिक बंदरगाह के लिए जाना जाता है।
- स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के अधीन पूर्व-पश्चिम गलियारा (कॉरिडोर), डिब्रूगढ़ और सूरत को जोड़ता है।
- त्रिपक्षीय राजमार्ग मणिपुर में मोरेह को, म्यांमार से होते हुए, थाईलैंड में चियांग माई से जोड़ता है।
- बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार आर्थिक गलियारा (कॉरिडोर) उत्तर प्रदेश में वाराणसी को चीन में कुनमिंग से जोड़ता है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
केवल एक
केवल दो
सभी तीन
कोई भी नहीं
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
दिए गए तीनों कथन गलत हैं।
- पूर्व-पश्चिम गलियारा (East-West Corridor) असम के सिलचर को गुजरात के पोरबंदर से जोड़ता है, न कि डिब्रूगढ़ और सूरत को।
- त्रिपक्षीय राजमार्ग (Trilateral Highway) मणिपुर के मोरेह को म्यांमार के रास्ते थाईलैंड के 'माई सोत' (Mae Sot) से जोड़ता है, न कि चियांग माई से।
- बंग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार (BCIM) गलियारा पश्चिम बंगाल के कोलकाता को चीन के कुनमिंग से जोड़ता है, न कि वाराणसी को।
भीतरकनिका गरान (मैन्ग्रोव)
मरक्कनम लवण बेसिन
नौपाड़ा अनूप
कच्छ का रण
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
कच्छ का रण (Rann of Kutch) समुद्र स्तर में पुनरावर्ती गिरावट (Recessive Sea Level) का सर्वोत्तम उदाहरण है। ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र एक उथली खाड़ी या समुद्र का विस्तार था, लेकिन विवर्तनिक हलचलों और समुद्र के पीछे हटने के कारण यह एक विस्तृत 'कच्छभूमि' (Marshland) और लवणीय मरुस्थल में बदल गया।
घाघरा – गोमती – गंडक – कोसी
गोमती – घाघरा – गंडक – कोसी
घाघरा – गोमती – कोसी – गंडक
गोमती – घाघरा – कोसी – गंडक
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
प्रयागराज से आगे (अनुप्रवाह) गंगा में मिलने वाली हिमालयी नदियों का पश्चिम से पूर्व की ओर सही क्रम गोमती–घाघरा–गंडक–कोसी
है।
- डोनी पोलो विमानपत्तन
- कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन
- विजयवाड़ा अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन
हाल ही में, उपर्युक्त में से किनका निर्माण नवीन (ग्रीनफील्ड) परियोजनाओं के रूप में किया गया है?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
- डोनी पोलो विमानपत्तन (ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश) और कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन (उत्तर प्रदेश) दोनों 'ग्रीनफील्ड' परियोजनाएं हैं, जिनका निर्माण शून्य से नए स्थान पर किया गया है।
- विजयवाड़ा अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन एक 'ब्राउनफील्ड' परियोजना है, जहाँ पहले से मौजूद हवाई अड्डे का विस्तार और आधुनिकीकरण किया गया है।
ग्रीनफील्ड
परियोजनाएँ पूर्णतः नवीन परियोजनाएँ होती हैं, जबकि पुरानी परियोजनाओं का नवीनीकरणब्राउनफील्ड
परियोजना कहलाता है।
- भारत विश्व में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है।
- भारत में हल्दी की 30 से अधिक किस्में उगाई जाती हैं।
- भारत में महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु प्रमुख हल्दी-उत्पादक राज्य हैं।
उपर्युक्त कथनों में कौन-कौन से सही हैं?
केवल I और II
केवल II और III
केवल I और III
I, II और III
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
दिए गए तीनों कथन सही हैं।
- भारत वैश्विक हल्दी उत्पादन और निर्यात में प्रथम स्थान पर है (लगभग 75% से अधिक उत्पादन)।
- भारत में हल्दी की 30 से अधिक किस्में उगाई जाती हैं। जैसे— लकाडोंग, इरोड, सलेम, रोमा, सुरोमा इत्यादि।
- उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु अग्रणी राज्य हैं।
- कथन-I
- भारत में राज्य सरकारों के पास गौण खनिजों के निष्कर्षण के बारे में रियायत देने के लिए नियम बनाने की कोई शक्ति नहीं है, भले ही ऐसे खनिज उनके अपने भूभाग में अवस्थित हों।
- कथन-II
- भारत में केन्द्र सरकार के पास प्रासंगिक विधि के अधीन गौण खनिजों को अधिसूचित करने की शक्ति है।
उपर्युक्त कथनों के सन्दर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं तथा कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है।
कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किन्तु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता।
कथन-I सही है, किन्तु कथन-II सही नहीं है।
कथन-I सही नहीं है, किन्तु कथन-II सही है।
सही उत्तर (?) है।
व्याख्या:—
- खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम (MMDR Act), 1957 की धारा 15 के तहत, राज्य सरकारों के पास अपने क्षेत्र में 'गौण खनिजों' (Minor Minerals) के खनन पट्टे और रियायतें देने हेतु नियम बनाने की पूरी शक्ति है।
- इस अधिनियम की धारा 3(e) के तहत केंद्र सरकार के पास किसी भी खनिज को 'गौण खनिज' के रूप में अधिसूचित करने की शक्ति है।
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